Rajasthan Talent Search Programme 2015
मुख्यमंत्री खेल प्रतिभा खोज योजना

राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद्‌
सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर

1. प्रस्तावना

(i) राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद, राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के अन्तर्गत एक पंजीकृत संस्था है, जो प्रदेश में युवा मामलें एवं खेल विभाग के नियन्त्रण में राज्य में खेलों के विकास की सर्वोच्च संस्था है। स्थापना के पश्चात क्रीड़ा परिषद ने विगत 53 वर्षों के इतिहास में राज्य के खेलों के विकास में अपनी महती भूमिका निभाई है।

(ii) राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए खिलाडियों को ''महाराणा प्रताप पुरस्कार'' से सम्मानित किया जाता है। पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र के साथ में सम्मान स्वरूप 10,000 रूपये की नकद राशि भी दी जाती है। अब तक राज्य के 122 खिलाडियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

(iii) क्रीड़ा परिषद ऐसे खेल प्रशिक्षकों को भी सम्मानित करती है जो राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाडियों को तराश कर योग्य खिलाड़ी बनाते हैं। अब तक 25 प्रशिक्षकों को ''वशिष्ठ पुरस्कार'' से सम्मानित किया जा चुका है।

(iv) भारत में खेलों के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद को श्रेय दिया जाता है। खेल परिषद ने देश में पहली बार राज्य के चयनित खिलाडियों हेतु आवासीय खेलकूद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की परम्परा डाली, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा व अनुकरण किया गया। परिषद ने पर्वतीय स्थल माउण्ट आबू में सन्‌ 1959 में पहले खेलकूद प्रशिक्षण शिविर की शुरूआत की। मई-जून, 2010 में इस परम्परा को जारी रखते हुए 52वां केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर माउण्ट आबू में आयोजित किया गया।

(v) खेल परिषद द्वारा जनजाति क्षेत्रों की प्रतिभाओं को तलाश कर तराशने के लिए ग्रीष्मावकाश में पृथक से आवासीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। जनजाति शिविर इस वर्ष माह मई जून 2010 में डूंगरपुर में आयोजित किया गया। महिला खिलाडियों को तराशने के लिए भी प्रतिवर्ष पंचायत, जिला व राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

(vi) राजस्थान की श्रीमती कृष्णा पूनिया (एथलेटिक्स) एवं श्री जगसीर सिंह (पैरा एथलेटिक्स) को देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार ''अर्जुन अवॉर्ड'' से नावाजा गया। (वर्ष 2009-2010 के लिए)

2. क्रीड़ा परिषद का गठन

(i) राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के संरक्षक (PATRON) राज्य के राज्यपाल हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भी परिषद के उप संरक्षक है। परिषद के अध्यक्ष मुख्यकार्यकारी होते हैं। इसके अलावा परिषद में उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व राज्य सरकार द्वारा मनोनीत 12 से अनाधिक सदस्य होते हैं। 6 अधिकारी इसके पदेन सदस्य होते है। परिषद के प्रथम अध्यक्ष श्री वी.जी. कानेटकर थे।